कैसीनो दिन संपर्क

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time:2021-10-26 18:54:42 नियमित आमदनी के लिए इन पांच विकल्प में निवेश कर सकते हैं सीनियर सिटीजन Views:4591

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घटते ब्याज दरों के इस दौर में नियमित आय के विकल्प कम हुए हैं.
घटते ब्याज दरों के इस दौर में नियमित आय के विकल्प कम हुए हैं. बहुत से निवेशक अपनी पूंजी पर नियमित आय के विकल्प ढूंढते रहते हैं. पिछले कुछ समय से घटते ब्याज दरों वाले दौर में उन पर बहुत अधिक असर पड़ा है.

इस समय जब देश के शीर्ष बैंक सीनियर सिटीजन को पांच-छह साल के फिक्स डिपॉजिट पर अधिकतम 6 फ़ीसदी का ब्याज दे रहे हैं, तुलनात्मक रूप से पोस्ट ऑफिस छोटी बचत योजना पर ब्याज दरें अधिक हैं.

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निवेश जगत के जानकारों का हालांकि मानना है कि छोटी बचत पर ब्याज दरें बहुत लंबे समय तक कायम रहने वाली नहीं है. सरकार समय-समय पर इन ब्याज दरों में कटौती करती रहती है. अप्रैल-जून तिमाही के लिए हालांकि सरकार ने पहले ब्याज दरों में कमी की थी लेकिन बाद में उस फैसले को वापस ले लिया गया.

इस माहौल में हम सीनियर सिटीजन के लिए निवेश के पांच ऐसे विकल्प बता रहे हैं जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर अच्छी नियमित आय आती रहे.

1. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस)
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) एक सरकार समर्थित बचत योजना है. यह 60 साल से अधिक उम्र के भारत के निवासियों के लिए शुरू की गई है. एससीएसएस में खाता खोलने की तारीख से 5 साल के बाद जमा राशि मैच्योर होती है. इसके बाद यह अवधि एक बार अतिरिक्त 3 साल के लिए बढाई जा सकती है.

अप्रैल-जून 2021 के लिए एससीएसएस पर ब्याज़ दर 7.4% निर्धारित की गई है. भारत में छोटी बचत योजनाओं में यह उच्चतम ब्याज़ दर है. एससीएसएस में खाता सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंकों और भारत के डाकघरों के माध्यम से खोला जा सकता है. एससीएसएस में अधिकतम 15 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है.

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना खाते में किए गए निवेश पर आयकर कानून 1961 के सेक्शन 80 C के तहत आयकर कटौती का लाभ मिलता है .

2. पोस्ट ऑफिस मासिक बचत योजना (पीओएमआईएस)
डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) सीनियर सिटीजन के लिए निवेश का सही विकल्प है. मासिक आय योजना (एमआईएस) केन्द्रीय संचार मंत्रालय के तहत चलाई जाने वाली एक निवेश योजना है. डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) एफडी की तुलना में ज्यादा रिटर्न देता है.

पीओएमआईएस से आपको एक निश्चित मासिक आय होती है. पीओएमआईएस में आप न्यूनतम 1500 रुपये हर महीने जमा करके निवेश शुरू कर सकते हैं. डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) पर इस समय 6.6 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है.

डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) के लिए परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है. इस स्कीम में आप अधिकतम 9 लाख रुपये ही निवेश कर सकते हैं. अगर आप डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) में अपनी पत्नी या बच्चों के साथ ज्वाइंट अकाउंट खोलते हैं तो भी 9 लाख रुपये तक ही निवेश कर सकते हैं.

3. पीएम वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई)
पीएमवीवीवाई वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सामाजिक सुरक्षा योजना है. पीएमवीवीवाई को संचालित करने के लिए एलआईसी पूरी तरह अधिकृत संस्था है. यह योजना एक नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग पेंशन स्कीम है. इस योजना में भारत सरकार ने सब्सिडी दी है.

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना सीनियर सिटीजन के लिए उपलब्ध पेंशन स्कीम है. मासिक पेंशन का विकल्प चुनने पर वरिष्ठ नागिरकों को स्कीम में 10 साल तक एक तय दर से गारंटीशुदा पेंशन मिलती है. यह स्कीम डेथ बेनिफिट की भी पेशकश करती है. इसके तहत नॉमिनी को खरीद मूल्य वापस किया जाता है. पीएमवीवीवाई में अब अधिकतम 7.75 फीसदी ब्याज की सीमा तय कर दी गई है.

पीएमवीवीवाई में 60 वर्ष या इससे अधिक के सीनियर सिटीजन निवेश कर सकते हैं. अधिकतम उम्र की सीमा नहीं है. एक व्यक्ति अधिकतम 15 लाख रुपये स्कीम में निवेश कर सकता है.

4. फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड (एफआरएसबी)
फ्लोटिंग रेट सेविंग बॉन्ड 2020 में सीनियर सिटीजन 7 साल के लिए निवेश कर सकते हैं. हर 6 महीने में इस स्कीम में ब्याज दरें बदलती हैं और यह नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर दिए जाने वाले ब्याज दर के अलावा 35 बेसिस प्वाइंट जोड़कर दिया जाता है. 1 जनवरी और 1 जुलाई को साल में दो बार फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड पर ब्याज दिया जाता है. इस समय एफआरएसबी में 7.15 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. इस स्कीम के साथ एक दिक्कत वाली बात यह है कि निवेशक के हाथ में आने पर इसके ब्याज पर आपको टैक्स चुकाना पड़ता है. इस स्कीम में ऊपरी निवेश की कोई सीमा नहीं है.

5. बैंक फिक्स्ड डिपाजिट
नियमित आय चाहने वाले निवेशकों के लिए बैंक फिक्स डिपाजिट हमेशा से एक लोकप्रिय विकल्प रहा है. पिछले कुछ वक्त में बैंक फिक्स डिपाजिट का आकर्षण घटा है क्योंकि ब्याज दरों में लगातार कमी आ रही है. बैंक में फिक्स डिपॉजिट कर सीनियर सिटीजन अपने हाथ में आने वाली रकम की फ्रीक्वेंसी पहले से ही तय कर सकते हैं.

वह मासिक निकासी चाहते हैं या तिमाही, छमाही निकासी चाहते हैं या सालाना, यह सब पहले से तय किया जा सकता है. इस समय अधिकतर बैंक 5 से 10 साल की अवधि के लिए सीनियर सिटीजन को फिक्स डिपॉजिट पर छह फीसदी ब्याज देते हैं. कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोऑपरेटिव बैंक सीनियर सिटीजन को फिक्स डिपॉजिट करने पर 7 फ़ीसदी से अधिक का ब्याज दे रहे हैं.

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